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सुनन नसाई

नंबर 4605

नंबर 4605किताब 44, नंबर 157
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ، قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - عَنِ ابْنِ الْقَاسِمِ، قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، قَالَ كُنَّا فِي زَمَانِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَبْتَاعُ الطَّعَامَ فَيَبْعَثُ عَلَيْنَا مَنْ يَأْمُرُنَا بِانْتِقَالِهِ مِنَ الْمَكَانِ الَّذِي ابْتَعْنَا فِيهِ إِلَى مَكَانٍ سِوَاهُ قَبْلَ أَنْ نَبِيعَهُ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin 'Umar said:"During the time the Messenger of Allah we used to buy food, and he sent someone to tell us to remove it from the place where we had bought it, to another place, b before selling
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • Sahih HadithAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।