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सुनन नसाई

नंबर 4603

नंबर 4603किताब 44, नंबर 155
أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ رُفَيْعٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ، عَنْ حِزَامِ بْنِ حَكِيمٍ، قَالَ قَالَ حَكِيمُ بْنُ حِزَامٍ ابْتَعْتُ طَعَامًا مِنْ طَعَامِ الصَّدَقَةِ فَرَبِحْتُ فِيهِ قَبْلَ أَنْ أَقْبِضَهُ فَأَتَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لَهُ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ تَبِعْهُ حَتَّى تَقْبِضَهُ ‏"‏ ‏.‏
Hakim bin Hizam said:"I bought some food and made food and made a profit on it (by selling it) before I took possession of it. I came to the Messenger of Allah and told him about that and he said: 'Do not sell it until you take possession of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।