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सुनन नसाई

नंबर 4601

नंबर 4601किताब 44, नंबर 153
أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ، عَنْ حَجَّاجِ بْنِ مُحَمَّدٍ، قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي عَطَاءٌ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ مَوْهَبٍ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ صَيْفِيٍّ، عَنْ حَكِيمِ بْنِ حِزَامٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَبِعْ طَعَامًا حَتَّى تَشْتَرِيَهُ وَتَسْتَوْفِيَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Hakim bin Hizam said:"The Messenger of Allah said: "Do not sell food until you have bought it and taken possession of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • Sahih HadithAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।