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सुनन नसाई

नंबर 4583

नंबर 4583किताब 44, नंबर 135
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنِ ابْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ كُنْتُ أَبِيعُ الذَّهَبَ بِالْفِضَّةِ أَوِ الْفِضَّةَ بِالذَّهَبِ فَأَتَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَأَخْبَرْتُهُ بِذَلِكَ فَقَالَ ‏ "‏ إِذَا بَايَعْتَ صَاحِبَكَ فَلاَ تُفَارِقْهُ وَبَيْنَكَ وَبَيْنَهُ لَبْسٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"I used to sell gold for silver, or silver for gold. I came to the Messenger of Allah and told him about that, and he said: 'If you make a deal with your companion, d o not leave him when there is still any ambiguity (in the deal) between you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।