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सुनन नसाई

नंबर 4572

नंबर 4572किताब 44, नंबर 124
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ، أَنَّ مُعَاوِيَةَ، بَاعَ سِقَايَةً مِنْ ذَهَبٍ أَوْ وَرِقٍ بِأَكْثَرَ مِنْ وَزْنِهَا فَقَالَ أَبُو الدَّرْدَاءِ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَنْهَى عَنْ مِثْلِ هَذَا إِلاَّ مِثْلاً بِمِثْلٍ ‏.‏
It was narrated from 'Ata' bin Yasir that:Muawiyah sold a cup of gold or silver for more than its weight. Abu Ad-Darda' said: "I heard the Messenger of Allah forbid such transactions unless it was like for like
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • Sahih HadithAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।