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सुनन नसाई

नंबर 4570

नंबर 4570किताब 44, नंबर 122
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَبِيعُوا الذَّهَبَ بِالذَّهَبِ إِلاَّ مِثْلاً بِمِثْلٍ وَلاَ تُشِفُّوا بَعْضَهَا عَلَى بَعْضٍ وَلاَ تَبِيعُوا الْوَرِقَ بِالْوَرِقِ إِلاَّ مِثْلاً بِمِثْلٍ وَلاَ تَبِيعُوا مِنْهَا شَيْئًا غَائِبًا بِنَاجِزٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Saeed Al-Khudri that the Messenger of Allah said:"Do not sell gold for gold except like for like and do not differentiate. Do not sell silver for silver except like for like, and do not sell it in return for something to be paid later
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।