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सुनन नसाई

नंबर 4550

नंबर 4550किताब 44, नंबर 102
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مَخْلَدُ بْنُ يَزِيدَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنِ الْمُخَابَرَةِ وَالْمُزَابَنَةِ وَالْمُحَاقَلَةِ وَعَنْ بَيْعِ الثَّمَرِ قَبْلَ أَنْ يُطْعَمَ وَعَنْ بَيْعِ ذَلِكَ إِلاَّ بِالدَّنَانِيرِ وَالدَّرَاهِمِ ‏.‏
It was narrated from Jabir that:the Messenger of Allah forbade Mukhabarah, Muzabanah and Muhaqalah, and selling dates before they arte fit or eating, and selling them for anything except Dinars and Dirhams
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।