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सुनन नसाई

नंबर 4548

नंबर 4548किताब 44, नंबर 100
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تُبَاعُ الصُّبْرَةُ مِنَ الطَّعَامِ بِالصُّبْرَةِ مِنَ الطَّعَامِ وَلاَ الصُّبْرَةُ مِنَ الطَّعَامِ بِالْكَيْلِ الْمُسَمَّى مِنَ الطَّعَامِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Zubair narrated that he heard Jabir bin 'Abdullah say:"The Prophet said: ' A heap of grain should not be sold for a heap of grain, or for a heap of grain of known measure
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।