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सुनन नसाई

नंबर 4541

नंबर 4541किताब 44, नंबर 93
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، وَيَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ دَاوُدَ بْنِ الْحُصَيْنِ، عَنْ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَخَّصَ فِي الْعَرَايَا أَنْ تُبَاعَ بِخَرْصِهَا فِي خَمْسَةِ أَوْسُقٍ أَوْ مَا دُونَ خَمْسَةِ أَوْسُقٍ ‏.‏
It was narrated from Au Hurairah that the prophet granted a concession allowing estimation for 'Ararya sales, so long as they were five Wasq or less then that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • Sahih HadithAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।