सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4527

नंबर 4527किताब 44, नंबर 79
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرًا، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنْ بِعْتَ مِنْ أَخِيكَ ثَمَرًا فَأَصَابَتْهُ جَائِحَةٌ فَلاَ يَحِلُّ لَكَ أَنْ تَأْخُذَ مِنْهُ شَيْئًا بِمَ تَأْخُذُ مَالَ أَخِيكَ بِغَيْرِ حَقٍّ ‏"‏ ‏.‏
Jabir said:"The Messenger of Allah said: "If you sell fruits to your brother then the crop fails, it is not permissible for you it takes anything from him. Why would you take the wealth of your brother unlawfully?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।