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सुनन नसाई

नंबर 4514

नंबर 4514किताब 44, नंबर 66
أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَنَّ عَامِرَ بْنَ سَعْدٍ، أَخْبَرَهُ أَنَّ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْمُلاَمَسَةِ وَالْمُلاَمَسَةُ لَمْسُ الثَّوْبِ لاَ يَنْظُرُ إِلَيْهِ وَعَنِ الْمُنَابَذَةِ وَالْمُنَابَذَةُ طَرْحُ الرَّجُلِ ثَوْبَهُ إِلَى الرَّجُلِ قَبْلَ أَنْ يُقَلِّبَهُ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa 'eed A-Khudri said:"The Messenger of Allah forbade Mulamasah, which means touching a garment without looking at it; (and he forbade) Munabadhah which is where one man sells his garment to another man by throwing it to him, without him checking it or looking at it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।