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सुनन नसाई

नंबर 4512

नंबर 4512किताब 44, नंबर 64
أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ الْمَرْوَزِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ بَيْعَتَيْنِ عَنِ الْمُلاَمَسَةِ وَالْمُنَابَذَةِ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa'eed Al-Khudri said:"The messenger of Allah forbade two kinds of transactions: Mulamash and Mumabadha
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।