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सुनन नसाई

नंबर 4501

नंबर 4501किताब 44, नंबर 53
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ الْقُرْدُوسِيُّ، أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ سِيرِينَ، يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَلَقُّوا الْجَلَبَ فَمَنْ تَلَقَّاهُ فَاشْتَرَى مِنْهُ فَإِذَا أَتَى سَيِّدُهُ السُّوقَ فَهُوَ بِالْخِيَارِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: 'Do and whoever meets any of them and buys from him the vendor has the choice of annulling the transaction when he comes to the marketplace
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।