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सुनन नसाई

नंबर 4499

नंबर 4499किताब 44, नंबर 51
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ قُلْتُ لأَبِي أُسَامَةَ أَحَدَّثَكُمْ عُبَيْدُ اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ عَنِ ابْنِ عُمَرَ قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ تَلَقِّي الْجَلَبِ حَتَّى يَدْخُلَ بِهَا السُّوقَ فَأَقَرَّ بِهِ أَبُو أُسَامَةَ وَقَالَ نَعَمْ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"The Messenger of Allah (ﷺ) forbade meeting traders on the way, until one enters the market with them?" Abu Usamah acknowledged it and said: Yes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • Sahih HadithAl-Albani

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।