أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الزِّبْرِقَانِ، قَالَ حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ عُبَيْدٍ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم نَهَى أَنْ يَبِيعَ حَاضِرٌ لِبَادٍ وَإِنْ كَانَ أَبَاهُ أَوْ أَخَاهُ .
It was narrated from Anas that:the Prophet forbade a town-dweller to sell for a desert- dweller, even if he was his father or brother. (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
Sahih HadithAl-Albani
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।