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सुनन नसाई

नंबर 4490

नंबर 4490किताब 44, नंबर 42
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، وَوَكِيعٌ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ، عَنْ مَخْلَدِ بْنِ خُفَافٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّ الْخَرَاجَ بِالضَّمَانِ ‏.‏
It was narrated that 'Aishsh said:" The Messenger of Allah ruled that what a slave earns belongs to his guarantor
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।