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सुनन नसाई

नंबर 4488

नंबर 4488किताब 44, नंबर 40
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْحَارِثِ، قَالَ حَدَّثَنِي دَاوُدُ بْنُ قَيْسٍ، عَنِ ابْنِ يَسَارٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنِ اشْتَرَى مُصَرَّاةً فَإِنْ رَضِيَهَا إِذَا حَلَبَهَا فَلْيُمْسِكْهَا وَإِنْ كَرِهَهَا فَلْيَرُدَّهَا وَمَعَهَا صَاعٌ مِنْ تَمْرٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah said:"whoever buys a Musarraha, if he is please with it when he milks it, he may keep it, and if he is not please with it, he may return it, along with a Sa of daters"' (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • Sahih HadithAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।