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सुनन नसाई

नंबर 4460

नंबर 4460किताब 44, नंबर 12
أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، قَالَ أَخْبَرَنِي الْوَلِيدُ، - يَعْنِي ابْنَ كَثِيرٍ - عَنْ مَعْبَدِ بْنِ كَعْبِ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ أَبِي قَتَادَةَ الأَنْصَارِيِّ، أَنَّهُ سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِيَّاكُمْ وَكَثْرَةَ الْحَلِفِ فِي الْبَيْعِ فَإِنَّهُ يُنَفِّقُ ثُمَّ يَمْحَقُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Qatadah Al-Ansari that he heard the Messenger of Allah say:"Beware of taking oaths a great deal when selling, for it may help you to make a sale but it destroys the blessing
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of Financial Transactions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।