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सुनन नसाई

नंबर 4440

नंबर 4440किताब 43, नंबर 80
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ زُنْبُورٍ الْمَكِّيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ يَزِيدَ، - وَهُوَ ابْنُ الْهَادِ - عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ، قَالَ مَرَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَلَى أُنَاسٍ وَهُمْ يَرْمُونَ كَبْشًا بِالنَّبْلِ فَكَرِهَ ذَلِكَ وَقَالَ ‏ "‏ لاَ تَمْثُلُوا بِالْبَهَائِمِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin Ja'far said:"The Messenger of Allah passed by some people who were shooting arrows at a ram. He denounced that and said: 'Do not disfigure animals (by using them as targets)." (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।