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सुनन नसाई

नंबर 4386

नंबर 4386किताब 43, नंबर 26
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، عَنْ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ ضَحَّى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِكَبْشَيْنِ أَمْلَحَيْنِ ‏.‏
It was narrated that Ans said:"The Messenger of Allah sacrificed two Amlah rams
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।