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सुनन नसाई

नंबर 4339

नंबर 4339किताब 42, नंबर 77
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ الشَّيْبَانِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي أَوْفَى، قَالَ أَصَبْنَا يَوْمَ خَيْبَرَ حُمُرًا خَارِجًا مِنَ الْقَرْيَةِ فَطَبَخْنَاهَا فَنَادَى مُنَادِي النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَدْ حَرَّمَ لُحُومَ الْحُمُرِ فَأَكْفِئُوا الْقُدُورَ بِمَا فِيهَا ‏.‏ فَأَكْفَأْنَاهَا ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin Awfa said:"On the Day of khaiber we caught some donkeys outside the village and we cooked them. Then the caller of the Prophet called out: 'The Messenger of Allah has forbidden the flesh of donkeys, so turn over your cooking pots with whatever is in them.' So we turned them over
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Hunting and Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।