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सुनन नसाई

नंबर 4331

नंबर 4331किताब 42, नंबर 69
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ، قَالَ حَدَّثَنِي ثَوْرُ بْنُ يَزِيدَ، عَنْ صَالِحِ بْنِ يَحْيَى بْنِ الْمِقْدَامِ بْنِ مَعْدِيكَرِبَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، عَنْ خَالِدِ بْنِ الْوَلِيدِ، أَنَّهُ سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ يَحِلُّ أَكْلُ لُحُومِ الْخَيْلِ وَالْبِغَالِ وَالْحَمِيرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Khalid bin al-walid that he heard the Messe4nger of Allah say:"It is not permissible to eat the flesh of horses, mules or donkeys
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Hunting and Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।