सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4329

नंबर 4329किताब 42, नंबर 67
أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، عَنِ الْحُسَيْنِ، - وَهُوَ ابْنُ وَاقِدٍ - عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، وَعَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ جَابِرٍ، وَعَنِ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ أَطْعَمَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَوْمَ خَيْبَرَ لُحُومَ الْخَيْلِ وَنَهَانَا عَنْ لُحُومِ الْحُمُرِ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:" On the Day of Khaibar, the Messenger of Allah (ﷺ) allowed us to eat the flesh of horses but he forbade us from the flesh of donkeys
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Hunting and Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।