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सुनन नसाई

नंबर 4327

नंबर 4327किताब 42, नंबर 65
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، وَأَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ عَمْرٍو، - وَهُوَ ابْنُ دِينَارٍ - عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَلِيٍّ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ نَهَى - وَذَكَرَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم - يَوْمَ خَيْبَرَ عَنْ لُحُومِ الْحُمُرِ وَأَذِنَ فِي الْخَيْلِ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:"On the Day of Khaibar, the Messenger of Allah forbade the flesh of donkeys but he permitted the flesh of horses
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Hunting and Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।