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सुनन नसाई

नंबर 4301

नंबर 4301किताब 42, नंबर 39
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، وَإِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ حَاتِمٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا رَأَيْتَ سَهْمَكَ فِيهِ وَلَمْ تَرَ فِيهِ أَثَرًا غَيْرَهُ وَعَلِمْتَ أَنَّهُ قَتَلَهُ فَكُلْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Adiyy bin Hatim that the Messenger of Allah said:"If you see your arrow in it. And you do not see any other mark, and you know that (Your arrow) killed it, then eat it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Hunting and Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।