सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4278

नंबर 4278किताब 42, नंबर 16
أَخْبَرَنَا وَهْبُ بْنُ بَيَانٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ، قَالَ قَالَ ابْنُ شِهَابٍ حَدَّثَنِي سَالِمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَافِعًا صَوْتَهُ يَأْمُرُ بِقَتْلِ الْكِلاَبِ فَكَانَتِ الْكِلاَبُ تُقْتَلُ إِلاَّ كَلْبَ صَيْدٍ أَوْ مَاشِيَةٍ ‏.‏
Salim bin 'Abdullah narrated that his father said:"I heard the Messenger of Allah raise his voice with the command to kill dogs. All dogs were to be killed except dogs used for hunting or herding livestock
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Hunting and Slaughtering

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।