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सुनन नसाई

नंबर 4261

नंबर 4261किताब 41, नंबर 40
أَخْبَرَنَا سَلَمَةُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ سُلَيْمِ بْنِ عُثْمَانَ الْفَوْزِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا جَدِّي الْخَطَّابُ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حِمْيَرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ثَابِتُ بْنُ عَجْلاَنَ، قَالَ سَمِعْتُ سَعِيدَ بْنَ جُبَيْرٍ، يَقُولُ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَقُولُ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مَرَّ بِعَنْزٍ مَيِّتَةٍ فَقَالَ ‏ "‏ مَا كَانَ عَلَى أَهْلِ هَذِهِ الشَّاةِ لَوِ انْتَفَعُوا بِإِهَابِهَا ‏"‏ ‏.‏
Ibn ' Abbas said:" I heard Sa'eed bin Jubair say: 'The Messenger of Allah passed by a dead goat and said: "Why didn't the owners of this sheep makes use of its skin?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · The Book of al-Fara' and al-'Atirah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।