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सुनन नसाई

नंबर 4255

नंबर 4255किताब 41, नंबर 34
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ، عَنْ بَحِيرٍ، عَنْ خَالِدٍ، قَالَ وَفَدَ الْمِقْدَامُ بْنُ مَعْدِيكَرِبَ عَلَى مُعَاوِيَةَ فَقَالَ لَهُ أَنْشُدُكَ بِاللَّهِ هَلْ تَعْلَمُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ لُبُوسِ جُلُودِ السِّبَاعِ وَالرُّكُوبِ عَلَيْهَا قَالَ نَعَمْ ‏.‏
It was narrated that Khalid said:"Al-Miqdam bin Madikarib came to visit Muawiyah and said to him: I adjure you by Allah, do you know that the messenger of Allah forbade wearing the Hides of predators and riding on them? He said: 'yes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · The Book of al-Fara' and al-'Atirah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।