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सुनन नसाई

नंबर 4249

नंबर 4249किताब 41, नंबर 28
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، قَالَ حَدَّثَنَا بِشْرٌ، - يَعْنِي ابْنَ الْمُفَضَّلِ - قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُكَيْمٍ، قَالَ قُرِئَ عَلَيْنَا كِتَابُ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَأَنَا غُلاَمٌ شَابٌّ ‏ "‏ أَنْ لاَ تَنْتَفِعُوا مِنَ الْمَيْتَةِ بِإِهَابٍ وَلاَ عَصَبٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin 'Ukaim said:"The letter of the Messenger of Allah was read to us when I was a young boy: 'Do not make use of the skins and sinew of dead animals
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · The Book of al-Fara' and al-'Atirah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।