सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4221

नंबर 4221किताब 40, नंबर 10
أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا قُرَيْشُ بْنُ أَنَسٍ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ الشَّهِيدِ، قَالَ لِي مُحَمَّدُ بْنُ سِيرِينَ سَلِ الْحَسَنَ مِمَّنْ سَمِعَ حَدِيثَهُ، فِي الْعَقِيقَةِ ‏.‏ فَسَأَلْتُهُ عَنْ ذَلِكَ، فَقَالَ سَمِعْتُهُ مِنْ، سَمُرَةَ ‏.‏
It was narrated from Habib bin Ash-Shahid:"Muhammad bin Sirin said to me: 'Ask Al-Hasan (Al-Basri) from whom he heard this Hadith about the 'Aqiqah.' I asked him about that and he said: 'I heard it from Samurh
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book of al-'Aqiqah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।