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सुनन नसाई

नंबर 425

नंबर 425किताब 4, नंबर 30
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ يَحْيَى، عَنْ شُعْبَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ، ح وَأَنْبَأَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، قَالَ سَمِعْتُ سُلَيْمَانَ بْنَ صُرَدٍ، يُحَدِّثُ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم ذُكِرَ عِنْدَهُ الْغُسْلُ فَقَالَ ‏ "‏ أَمَّا أَنَا فَأُفْرِغُ عَلَى رَأْسِي ثَلاَثًا ‏"‏ ‏.‏ لَفْظُ سُوَيْدٍ ‏.‏
It was narrated from Jubair bin Mut'im that mention of Ghusl was made in the presence of the Prophet (ﷺ) and he said:"As for me, I pour water on my head three times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Ghusl and Tayammum

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।