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सुनन नसाई

नंबर 412

नंबर 412किताब 4, नंबर 17
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْقَاسِمِ، قَالَ سَمِعْتُ الْقَاسِمَ، يُحَدِّثُ عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كُنْتُ أَغْتَسِلُ أَنَا وَرَسُولُ اللَّهِ، صلى الله عليه وسلم مِنْ إِنَاءٍ وَاحِدٍ مِنَ الْجَنَابَةِ ‏‏.‏‏
Abdur-Rahman bin Al-Qasim said:"I heard Al-Qasim narrating that 'Aishah said: 'I used to perform Ghusl - the Messenger of Allah (ﷺ) and I - from a single vessel for Janabah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Ghusl and Tayammum

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।