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सुनन नसाई

नंबर 410

नंबर 410किताब 4, नंबर 15
أَخْبَرَنَا الْقَاسِمُ بْنُ زَكَرِيَّا بْنِ دِينَارٍ، قَالَ حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَغْتَسِلُ فِي الإِنَاءِ وَهُوَ الْفَرَقُ وَكُنْتُ أَغْتَسِلُ أَنَا وَهُوَ مِنْ إِنَاءٍ وَاحِدٍ ‏‏.‏‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) used to perform Ghusl from a vessel which was the size of a Faraq [1] and he and I used to perform Ghusl from a single vessel." [1] See No
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Ghusl and Tayammum

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।