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सुनन नसाई

नंबर 407

नंबर 407किताब 4, नंबर 12
أَخْبَرَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنَا الأَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي سُلَيْمَانَ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ يَعْلَى، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏‏ "‏‏ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ سِتِّيرٌ فَإِذَا أَرَادَ أَحَدُكُمْ أَنْ يَغْتَسِلَ فَلْيَتَوَارَ بِشَىْءٍ ‏‏"‏‏ ‏‏.‏‏
It was narrated from Safwan bin Ya'la that his father said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Allah loves concealment, so when any one of you performs Ghusl let him conceal himself with something
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Ghusl and Tayammum

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।