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सुनन नसाई

नंबर 4211

नंबर 4211किताब 39, नंबर 63
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ آدَمَ بْنِ سُلَيْمَانَ، عَنِ ابْنِ الْمُبَارَكِ، عَنِ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ، عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّكُمْ سَتَحْرِصُونَ عَلَى الإِمَارَةِ وَإِنَّهَا سَتَكُونُ نَدَامَةً وَحَسْرَةً فَنِعْمَتِ الْمُرْضِعَةُ وَبِئْسَتِ الْفَاطِمَةُ ‏"‏ ‏.‏
it was narrated from Abu Hurairah that the Prophet said:"You will become keen for positions of authority, but that will become a regret and loss. What a good life they will live, but how hard it will be for them when they die
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of al-Bay'ah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।