सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4204

नंबर 4204किताब 39, नंबर 56
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، عَنِ ابْنِ أَبِي حُسَيْنٍ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَمَّتِي، تَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ وَلِيَ مِنْكُمْ عَمَلاً فَأَرَادَ اللَّهُ بِهِ خَيْرًا جَعَلَ لَهُ وَزِيرًا صَالِحًا إِنْ نَسِيَ ذَكَّرَهُ وَإِنْ ذَكَرَ أَعَانَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Al-Qasim bin Muhammad said:" I heard my paternal aunt say: 'The Messenger of Allah said; "Whoever among you is appointed to a position of authority. If Allah wills good for him. He will give him a righteous minister who will remind him if he forgets and help him if he remembers
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of al-Bay'ah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।