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सुनन नसाई

नंबर 4144

नंबर 4144किताब 38, नंबर 12
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ يَحْيَى بْنِ الْحَارِثِ، قَالَ حَدَّثَنَا مَحْبُوبٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو إِسْحَاقَ، عَنْ مُوسَى بْنِ أَبِي عَائِشَةَ، قَالَ سَأَلْتُ يَحْيَى بْنَ الْجَزَّارِ عَنْ هَذِهِ الآيَةِ، ‏{‏ وَاعْلَمُوا أَنَّمَا غَنِمْتُمْ مِنْ شَىْءٍ فَأَنَّ لِلَّهِ خُمُسَهُ وَلِلرَّسُولِ ‏}‏ قَالَ قُلْتُ كَمْ كَانَ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم مِنَ الْخُمُسِ قَالَ خُمُسُ الْخُمُسِ ‏.‏
It was narrated that Musa bin Abi 'Aishah said:"I asked Yahya bin Al-Jazzar about this Verse: and know that whatever of spoils of war that you may gain, verily, one-fifth of it is assigned to Allah, and to the Messenger". He said: "I said: 'How much of the Khumus did he Prophet take?' He said: 'One-fifth of the Khumus
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih Isnaad MursalAbu Ghuddah
  • Sahih Isnaad MursalAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 38 · The Book of Distribution of Al-Fay'

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।