सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4126

नंबर 4126किताब 37, नंबर 161
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ الزُّبَيْرِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي الضُّحَى، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَرْجِعُوا بَعْدِي كُفَّارًا يَضْرِبُ بَعْضُكُمْ رِقَابَ بَعْضٍ لاَ يُؤْخَذُ الرَّجُلُ بِجِنَايَةِ أَبِيهِ وَلاَ جِنَايَةِ أَخِيهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ هَذَا خَطَأٌ وَالصَّوَابُ مُرْسَلٌ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'Do not revert to disbelievers after I am gone, striking the necks of one another (killing one another). No man is to be punished for the sins of his father, or for the sins of his brother
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।