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सुनन नसाई

नंबर 4123

नंबर 4123किताब 37, नंबर 158
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، عَنْ حَمَّادٍ، عَنْ أَيُّوبَ، وَيُونُسَ، وَالْعَلاَءِ بْنِ زِيَادٍ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنِ الأَحْنَفِ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ أَبِي بَكْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا الْتَقَى الْمُسْلِمَانِ بِسَيْفَيْهِمَا فَقَتَلَ أَحَدُهُمَا صَاحِبَهُ فَالْقَاتِلُ وَالْمَقْتُولُ فِي النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Bakrah said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'If two Muslims fight with swords, and one of them kills the other, then the killer and the slain will both be in Hell
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।