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सुनन नसाई

नंबर 4119

नंबर 4119किताब 37, नंबर 154
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - وَهُوَ ابْنُ هَارُونَ - قَالَ أَنْبَأَنَا سَعِيدٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ أَبِي مُوسَى الأَشْعَرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا تَوَاجَهَ الْمُسْلِمَانِ بِسَيْفَيْهِمَا فَقَتَلَ أَحَدُهُمَا صَاحِبَهُ فَهُمَا فِي النَّارِ مِثْلَهُ سَوَاءً ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Musa Al-Ash'ari that:The Prophet [SAW] said: "If two Muslims confront each other with swords and one of them kills the other, they will both be in Hell
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।