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सुनन नसाई

नंबर 4096

नंबर 4096किताब 37, नंबर 131
أَخْبَرَنَا الْقَاسِمُ بْنُ زَكَرِيَّا بْنِ دِينَارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَمْرٍو الأَشْعَثِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْثَرٌ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ سَوَادَةَ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، عَنْ أَبِي جَعْفَرٍ، قَالَ كُنْتُ جَالِسًا عِنْدَ سُوَيْدِ بْنِ مُقَرِّنٍ فَقَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ قُتِلَ دُونَ مَظْلَمَتِهِ فَهُوَ شَهِيدٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Ja'far said:"I was sitting with Suwaid bin Muqarrin, and he said: The Messenger of Allah [SAW] said: "Whoever is killed defending himself against injustice, he is a martyr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।