सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4093

नंबर 4093किताब 37, नंबर 128
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَلْقَمَةَ، عَنْ أَبِي جَعْفَرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ قُتِلَ دُونَ مَظْلَمَتِهِ فَهُوَ شَهِيدٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ حَدِيثُ الْمُؤَمَّلِ خَطَأٌ وَالصَّوَابُ حَدِيثُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ ‏.‏
It was narrated that Abu Ja'far said:"The Messenger of Allah [SAW] said: 'Whoever is killed defending his wealth and is killed unjustly, he is a martyr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।