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सुनन नसाई

नंबर 4091

नंबर 4091किताब 37, नंबर 126
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَوْفٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ قَاتَلَ دُونَ مَالِهِ فَهُوَ شَهِيدٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Sa'eed bin Zaid that:The Prophet [SAW] said: "Whoever is killed defending his wealth, he is a martyr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।