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सुनन नसाई

नंबर 4088

नंबर 4088किताब 37, नंबर 123
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ حَسَنٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ طَلْحَةَ، أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عَمْرٍو، يُحَدِّثُ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ أُرِيدَ مَالُهُ بِغَيْرِ حَقٍّ فَقَاتَلَ فَقُتِلَ فَهُوَ شَهِيدٌ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا خَطَأٌ وَالصَّوَابُ حَدِيثُ سُعَيْرِ بْنِ الْخِمْسِ ‏.‏
It was narrated from Ibrahim bin Muhammad bin Talhah that he heard 'Abdullah bin 'Amr narrating:From the Prophet [SAW], that he said: "If a person's wealth is sought without right, and he fights (to protect it) and is killed, he is a martyr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।