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सुनन नसाई

नंबर 4065

नंबर 4065किताब 37, नंबर 100
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ عَلِيًّا، أُتِيَ بِنَاسٍ مِنَ الزُّطِّ يَعْبُدُونَ وَثَنًا فَأَحْرَقَهُمْ، قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ إِنَّمَا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ بَدَّلَ دِينَهُ فَاقْتُلُوهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that :'Ali came to some people of Az-Zutt, who worshipped idols, and burned them. Ibn 'Abbas said: "But the Messenger of Allah [SAW] said: 'Whoever changes his religion, kill him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।