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सुनन नसाई

नंबर 4039

नंबर 4039किताब 37, नंबर 74
أَخْبَرَنَا عِيسَى بْنُ حَمَّادٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا اللَّيْثُ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ قَوْمًا، أَغَارُوا عَلَى إِبِلِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَطَّعَ أَيْدِيَهُمْ وَأَرْجُلَهُمْ وَسَمَلَ أَعْيُنَهُمْ ‏.‏
It was narrated from Hisham, from his father, that:Some people raided the camels of the Messenger of Allah [SAW]. He had their hands and feet cut off and their eyes gouged out
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।