सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4014

नंबर 4014किताब 37, नंबर 49
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنِي وَاصِلٌ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَىُّ الذَّنْبِ أَعْظَمُ قَالَ ‏"‏ أَنْ تَجْعَلَ لِلَّهِ نِدًّا وَهُوَ خَلَقَكَ ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ ثُمَّ أَىٌّ قَالَ ‏"‏ أَنْ تَقْتُلَ وَلَدَكَ مِنْ أَجْلِ أَنْ يَطْعَمَ مَعَكَ ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ ثُمَّ أَىٌّ قَالَ ‏"‏ ثُمَّ أَنْ تُزَانِيَ بِحَلِيلَةِ جَارِكَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah said:"I said: 'O Messenger of Allah, which sin is most grievous?' He said: 'Setting up a rival to Allah while it is He that created you.' I said: 'Then what?' He said: 'Killing your child so that he will not eat with you.' I said: 'Then what?' He said: 'Committing adultery with your neighbor's wife
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।