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सुनन नसाई

नंबर 4006

नंबर 4006किताब 37, नंबर 41
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا الأَنْصَارِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنْ خَارِجَةَ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، قَالَ نَزَلَتْ هَذِهِ الآيَةُ ‏{‏ وَمَنْ يَقْتُلْ مُؤْمِنًا مُتَعَمِّدًا فَجَزَاؤُهُ جَهَنَّمُ خَالِدًا فِيهَا ‏}‏ الآيَةُ كُلُّهَا بَعْدَ الآيَةِ الَّتِي نَزَلَتْ فِي الْفُرْقَانِ بِسِتَّةِ أَشْهُرٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو لَمْ يَسْمَعْهُ مِنْ أَبِي الزِّنَادِ ‏.‏
It was narrated that Zaid bin Thabit said:"This Verse - 'And whoever kills a believer intentionally, his recompense is Hell' - was revealed six months after the Verse which was revealed in Surat Al-Furqan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।