सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3980

नंबर 3980किताब 37, नंबर 15
‏{‏ أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، ‏}‏ قَالَ عُبَيْدُ اللَّهِ حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ سَالِمٍ، عَنْ رَجُلٍ، حَدَّثَهُ قَالَ دَخَلَ عَلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَنَحْنُ فِي قُبَّةٍ فِي مَسْجِدِ الْمَدِينَةِ وَقَالَ فِيهِ ‏ "‏ إِنَّهُ أُوحِيَ إِلَىَّ أَنْ أُقَاتِلَ النَّاسَ حَتَّى يَقُولُوا لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ ‏"‏ ‏.‏ نَحْوَهُ ‏.‏
It was narrated from An-Nu'man bin Salim that:A man said to him: "The Messenger of Allah [SAW] came to us while we were in a tent inside the Masjid of Al-Al-Madinah, and he said to us: 'It has been revealed to me that I should fight the people until they say La ilaha illallah.'" A similar narration
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · The Book of Fighting [The Prohibition of Bloodshed]

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।