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सुनन नसाई

नंबर 3960

नंबर 3960किताब 36, नंबर 22
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ يَحْيَى، - هُوَ ابْنُ سَعِيدٍ الأَنْصَارِيُّ - عَنْ عُبَادَةَ بْنِ الْوَلِيدِ بْنِ عُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ، أَنَّ عَائِشَةَ، قَالَتِ الْتَمَسْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَأَدْخَلْتُ يَدِي فى شَعْرِهِ فَقَالَ ‏"‏ قَدْ جَاءَكِ شَيْطَانُكِ ‏"‏ ‏.‏ فَقُلْتُ أَمَا لَكَ شَيْطَانٌ فَقَالَ ‏"‏ بَلَى وَلَكِنَّ اللَّهَ أَعَانَنِي عَلَيْهِ فَأَسْلَمَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Ubadah bin Al-Walid bin 'Ubadah bin As-Samit that 'Aishah said:"I looked for the Messenger of Allah and I put my hand on his hair." He said: "Your Shaitan has come to you." I said: "Don't you have a Shaitan?" He said: "Yes, but Allah helped me with him, so he submitted
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · The Book of the Kind Treatment of Women

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।